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Joshimath Sinking: घर, मंदिर, सड़क, स्कूल हर तरफ दरारें, आख़िर कहां जाएंगे लोग

जोशीमठ में अब तक 600 से भी अधिक घरों और मंदिरों, स्कूलों, सड़कों पर दरार की सूचना है। लोग अपना आशियाना छोड़कर पलायन कर रहे हैं ।


By Team Mojo, 9 Jan 2023


उत्तराखंड के जोशीमठ में हैरान करने वाला मंजर है। कई इलाकों में भूस्खलन और दरकती दीवारों की वजह से स्थानीय लोग दहशत में हैं। जो अपने घर में रह रहे हैं, उनको पूरी रात नींद नहीं आ रही। जिनके घरों में दरारें आ चुकीं हैं या जमीन का हिस्सा धंस गया है, उनमें से कई अपना आशियाना छोड़कर पलायन कर चुके हैं। अब तक 600 से भी अधिक घरों और मंदिरों, स्कूलों, सड़कों पर दरार की सूचना है।

जोशीमठ के हालात पर प्रधानमंत्री कार्यालय रविवार को उच्च स्तरीय बैठक की। वहीं, प्रधानमंत्री ने इस मामले पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से टेलीफोन पर बात की। बैठक के बाद अधिकारियों ने बताया कि जोशीमठ के लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सेंट्रल एजेंसी और एक्सपर्ट की टीम शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म प्लान तैयार करेगी। नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) की 4 टीमें अभी वहां तैनात हैं। साथ ही हालात का जायजा लेने के लिए NDMA के सदस्य सोमवार को जोशीमठ पहुंचेंगे।

मामले में जांच को लेकर उत्तराखंड सरकार ने 8 सदस्यीय कमेटी बनाई थी। रविवार (8 जनवरी) को इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रभावित लोगों को तुरंत विस्थापित किया जाए और छतिग्रस्त इमारतों को गिराकर उनका मलबा मौके से हटवाया जाए।

बद्रीनाथ धाम से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित जोशीमठ एक भयंकर प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। यहां दीवारें दरक रहीं हैं, जमीन धंस रही है, घरों को फोड़कर पानी बह रहा है, सड़कें फट रही हैं। जोशीमठ के लोग खौफ में जी रहे हैं। लोगों को वहां बचाव कैंप में ले जाया जा रहा है। बार-बार हो रहे भूस्खलन के कारण छतों के गिरने की आशंका है। यहां कड़ाके की ठंड में लोग डर के साये में अपने घरों के बाहर सोने को विवश हैं। लोग अपनी आंखों से अपने घर और शहर को बर्बाद होते देख रहे हैं।